Friday, May 21, 2021

Hindi Medium से पड़े हरियाणा के एक छोटे गॉव का छात्र, PhD कर आज अमेरिका में है Scientist

#ISKCONTalkshow​​ #spirituality​​ #HareKrsnaTV​​ #iskconlive​​ #Spirituality​​ #spiritualJourney​​ #Mumbai #Doctor #Bhakti #Krishna Hare Krishna!! आज हमारे पास "Ek Mulakat Krishna Bhakt Ke Sath" पर एक विशेष अतिथि है। "एक मुलाकात - कृष्ण भक्त के साथ" शो , आपके लिए दुनिया भर के कुछ सबसे प्रेरणादायक लोगों को लाता है। आज के एपिसोड के लिए, हमारे पास है, Ras Vilas Das (Dr. Ramesh Goel) ***** About Ras Vilas Das (Dr. Ramesh Goel) ***** 🔹 Ras Vilas Das (Dr. Ramesh Goel) was born in Budhakhera, Haryana, in the Hissar district and belonged to a North Indian family. He studied at Scottish Church College before joining Jadavpur University, Kolkata, in Civil Engineering. He graduated from Jadavpur University with a Bachelor in Civil Engineering and Master’s in Environmental Engineering in 1994 and 1996. After working in consulting for three years, he started his doctoral program at the University of South Carolina in 2000, completed his doctorate in Environmental Engineering in 2003. Currently, he is an environmental engineering and sustainability professor and graduate director at the University of Utah. He is the recipient of many international awards and recognitions. 🔖 He contacted ISKCON, Chicago in 2005 and then started serving at Krishna Temple in Spanish Fork, Utah, U.S.A. His services include cooking for Sunday feasts and festivals at the temple. He is also a member of the ISKCON green committee. He wants to highlight the importance of spirituality and a simple lifestyle in environmental sustainability. He is directing a very unique international conference “Sustainability-Simplicity-Spirituality (3S)” under the aegis of Institute for Science and Spirituality, the scientific study wing of ISKCON Delhi. 🔹रास विलास दास (डॉ. रमेश गोयल) एक उत्तर भारतीय परिवार से हैं, उनका जन्म भारत के हरियाणा राज्य में हिसार जिले के बुढाखेड़ा में हुआ। जादवपुर विश्वविद्यालय, कोलकाता में सिविल इंजीनियरिंग करने से पहले उन्होंने स्कॉटिश चर्च कॉलेज में अध्ययन किया। उन्होंने जादवपुर विश्वविद्यालय से 1994 और 1996 में सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक और पर्यावरण इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री के साथ स्नातक किया। ���ीन वर्ष कंसल्टिंग में काम करने के बाद, उन्होंने सं 2000 में नॉर्थ कैरोलिना विश्वविद्यालय में डॉक्टरेट करना आरम्भ किया व सं 2003 में उन्होंने पर्यावरण इंजीनियरिंग में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। वर्तमान में, वे उटाह विश्वविद्यालय में एक पर्यावरण इंजीनियरिंग और स्थिरता प्रोफेसर और स्नातक निदेशक हैं। वह कई अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों और सम्मानों के प्राप्तकर्ता हैं। उन्होंने २००५ में इस्कॉन, शिकागो से संपर्क किया और फिर स्पेनिश फोर्क, उटाह, यू.एस.ए में कृष्ण मंदिर में सेवा करना आरंभ किया। रविवार के भोज और त्योहारों के लिए प्रसाद बनाना मंदिर में उनकी सेवाओं में से एक है। वह इस्कॉन ग्रीन कमेटी के सदस्य भी हैं। वह पर्यावरणीय स्थिरता में आध्यात्मिकता और एक साधारण जीवन शैली के महत्व को उजागर करना चाहते हैं। वह इस्कॉन दिल्ली के वैज्ञानिक अध्ययन विंग इंस्टीट्यूट फॉर साइंस एंड स्पिरिचुअलिटी के तत्वावधान में एक बहुत ही अनोखे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन "सस्टेनेबिलिटी-सिंपलिसिटी-स्पिरिचुअलिटी (3S)" का निर्देशन कर रहे हैं। Watch more videos of "एक मुलाकात - कृष्ण भक्त के साथ" https://www.youtube.com/playlist?list=PLhtmKWc6vRTCz0YsPNXDhXFmDcrW3RJzx
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